आचार्य जी को पुरोहित एवं पांडित्य कर्म में 20 वर्षो का अनुभव है। अभी तक हमने हजारों यजमानो के लिए सत्यनारयण कथा, रामायण अखण्ड पाठ, गृह प्रवेश, गृह शांति, दूकान या कार्यालय का उद्घाटन, नव दुर्गा पाठ, रुद्राभिषेक, भागवत महापुराण कथा, शिव महापुराण कथा, देवी भागवत कथा।
आचार्य जी ने वृंदावन में रहकर 15 वर्षो तक वेद, पुराणों का अध्ययन किया है। उच्च कोटि के गुरुजनों से आपने विधिवत गुरुकुल परंपरा के माध्यम स वैदिक शिक्षा प्राप्त की है। शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात आज तक श्री बांकेबिहारी जी की कृपा से समाज कल्याण का कार्य कर रहे है।